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12.5 Lac Speakasians Demand Justice

WE WILL FIGHT TILL THE END
Jun 17 '13
16 June 2013 : Amar Ujala - Almora

News Link :
1 - http://epaper.amarujala.com//svww_zoomart.php?Artname=20130616a_004114005&ileft=-5&itop=91&zoomRatio=290&AN=20130616a_004114005
 
2 - http://epaper.amarujala.com//pdf/2013/06/16/20130616a_004114.pdf
 
स्पिक एशिया से जुड़ी जांच शीघ्र पूरी हो
अल्मोड़ा। स्पिक एशिया पेनालिस्ट एसोसिएशन आफ इंडिया जिला शाखा की थपलिया में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार को पेनालिस्टों के फंसे धन को वापस दिलाने के लिए शीघ्र जांच पूरी करनी चाहिए। उन्होंने कहा मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण स्पिक एशिया से जुड़े कई लोगों का करोड़ों रुपया फंसा है।


उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी जांच एजेंसियां मामले को गंभीरता पूर्वक नहीं लेकर जांच में देरी कर रही हैं। कंपनी पेनालिस्टों का सभी बकाया रुपया देने को तैयार है इसलिए जांच जल्दी से जल्दी पूरी की जानी चाहिए। स्थानीय प्रतिनिधि संजय पांडे ने बताया कि कंपनी ने अपने सदस्यों को विकल्प के तौर पर एग्जिट का विकल्प दिया है ताकि जो सदस्य कंपनी से बाहर जाना चाहते हैं वह किसी तरह से आपत्ति होने पर अपनी सदस्यता का लागत मूल्य वापस ले सकें।
उन्होंने कहा कि कंपनी किसी भी सदस्य का पैसा रोकने और भागने का इरादा नहीं रखती है। लोकेश बिष्ट ने कहा कि कोई भी सरकारी जांच एजेंसी अब तक स्पिक एशिया कंपनी के खिलाफ सबूत नहीं जुटा पाई है। बैठक में सुरेंद्र खाती, लोकेश बिष्ट, नवीन आर्य, मनीष जोशी, विनोद टम्टा, मनोज कोरंगा, मदन मोहन पांडे, दीप चंद्र लोहनी आदि मौजूद थे।
16 June 2013 : Amar Ujala - Almora
News Link :
 
 
स्पिक एशिया से जुड़ी जांच शीघ्र पूरी हो
अल्मोड़ा। स्पिक एशिया पेनालिस्ट एसोसिएशन आफ इंडिया जिला शाखा की थपलिया में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार को पेनालिस्टों के फंसे धन को वापस दिलाने के लिए शीघ्र जांच पूरी करनी चाहिए। उन्होंने कहा मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण स्पिक एशिया से जुड़े कई लोगों का करोड़ों रुपया फंसा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी जांच एजेंसियां मामले को गंभीरता पूर्वक नहीं लेकर जांच में देरी कर रही हैं। कंपनी पेनालिस्टों का सभी बकाया रुपया देने को तैयार है इसलिए जांच जल्दी से जल्दी पूरी की जानी चाहिए। स्थानीय प्रतिनिधि संजय पांडे ने बताया कि कंपनी ने अपने सदस्यों को विकल्प के तौर पर एग्जिट का विकल्प दिया है ताकि जो सदस्य कंपनी से बाहर जाना चाहते हैं वह किसी तरह से आपत्ति होने पर अपनी सदस्यता का लागत मूल्य वापस ले सकें।

उन्होंने कहा कि कंपनी किसी भी सदस्य का पैसा रोकने और भागने का इरादा नहीं रखती है। लोकेश बिष्ट ने कहा कि कोई भी सरकारी जांच एजेंसी अब तक स्पिक एशिया कंपनी के खिलाफ सबूत नहीं जुटा पाई है। बैठक में सुरेंद्र खाती, लोकेश बिष्ट, नवीन आर्य, मनीष जोशी, विनोद टम्टा, मनोज कोरंगा, मदन मोहन पांडे, दीप चंद्र लोहनी आदि मौजूद थे।